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     होम पेज > कलीसिया >  2014-08-20 15:23:12
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20 अगस्त 2014



श्रोताओं के पत्र
पत्र – 03.5.14
सरसरी हवा ने पृथ्वी को जगाया, सूर्य ने पृथ्वी को प्रकाशमान बनाया, चिड़ियों ने उसे सुरीली तान दी, तो अब मेरी बारी है अपने मित्र को शुभकामनाएँ अर्पित करने का। सुप्रभात एवं आज का दिन मुबारक हो। हम सुन सकते हैं या ध्यान दे सकते हैं। सुनना कान की क्रिया है, ध्यान देना हृदय की प्रक्रिया। ईश्वर आपको आशीष दे।
हेमान्त कुमार, प्रियदर्शनी रेडियो लिस्नर्स क्लब, गोराडीह भागलपुर।
पत्र- 19.8.18
आदरणीय पिताजी सादर नमस्कार, आशा है आप सभी वहां पर प्रभु येसु की कृपा से सानंद होंगे। आज मुझे आपका प्रसारण सुनने को नहीं मिला फिर भी आपके वेब साइड द्वारा पूरा कार्यक्रम सुना और यह जानकर खुशी हुई कि हमारे संत पापा फ्रांसिस की यात्रा कोरिया में जारी हैं। मुझे भी एक दिन कोरिया की राजधानी सियोल देखने का इरादा हैं, न जाने कब प्रभु येसु मेरी प्रार्थना सुनेंगे।
विद्यानन्द रामदयाल, पियर्स मोरिसस।
पत्र- आदरणीय फादर जी, मैं वाटिकन भारती पत्रिका पढ़ा। यह ज्ञानवधर्क एवं सार्थक है। अन्तर कलीसियाई एकता की चर्चा भी पढ़ा काफी अच्छा लगा। कुरिन्थियों को डांटते हुए प्रेरित संत पौलुस इस बात की याद दिलाते हैं कि हम आनन्द मनाएँ, उन आध्यात्मिक वरदानों के साथ जिसे ईश्वर ने हमें दिया है। संत पौलुस कहते हैं कि प्रत्येक ख्रीस्तीय को ईश्वर का वरदान प्राप्त है जो हमारे जीवन को समृद्ध करता है। हमें निर्णय क्षमता और पश्चाताप की आवश्यकता है। फादर जी हमने वाटिकन भारती पत्रिका को स्थानीय चर्च और लोगों के बीच वितरण किया है तथा लोग बड़े चाव से इसे पढ़ रहे हैं। मैं वाटिकन रेडियो को सुनने को जागरूक कर रहा हॅूं। आपके सहयोग के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद।
दीपक कुमार दास, अपोलो रेडियो लि. क्लब ढोली सकरा, बिहार।
पत्र- 26.7.14
लखनऊ (उत्तर प्रदेश) मेँ एक महिला के साथ जो कुछ हुआ वह कानून एवं व्यवस्था के साथ ही हमारी सभ्यता और सामाजिक व्यवस्था पर भी प्रश्न चिह्न लगाता है। जिस तरीके से युवती पर हमला किया गया उससे आश्चर्य होता है कि किसी इंसान के साथ कैसे इतना घृणित, हिंसक और क्रूर व्यवहार कर सकता है। असहाय युवती रात भर तड़पती रही और पूरा खून बह जाने पर उसकी मृत्यु हो गई। दुख तो तब होता है जब शासन करने वाले लोग ऐसे अपराधोँ पर रोक लगाने के बजाय बयानबाजी करते हैँ। ऐसी घटनाएं सिर्फ कानून और पुलिस के बलबूते नहीं रोकी जा सकती, बल्कि समाज के जागरूक लोगों को भी आगे आना होगा। साथ ही अपनी सोच मेँ भी बदलाव लाना होगा।
हेमान्त कुमार, प्रियदर्शनी रेडियो लिस्नर्स क्लब के अध्यक्ष, गोराडीह भागलपुर।


Usha Tirkey


कांदिविदी






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